ALL NATIONAL UTTARAKHAND CRIME DELHI WORLD ENTERTAINMENT POLITICS SPORTS HIMACHAL BUSINESS
इंटरनेट बंद होने से हुआ करोड़ों का कारोबार प्रभावित
December 25, 2019 • Utkarsh • NATIONAL

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में नागरिकता कानूनऔर एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के चलते इंटरनेट पर लगी रोक से बैंकिंग सेवाओं पर सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा है। इससे कई शहरों और कस्बों में नगदी की कमी के चलते बैंकों को अपनी शाखाएं भी बंद रखनी पड़ी। नेट के बंद होने से व्यापारियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इससे उन लोगों पर खासा असर पड़ा, जिनका कारोबार पूरी तरह से इंटरनेट के द्वारा चलता है। जिन जिलों में प्रशासन ने इंटरनेट को बंद करने का आदेश दिया है, उनमें कई ऐसे शहर हैं जो कि कारोबारी लिहाज से काफी महत्वपूर्ण हैं। सर्वाधिक असर लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मेरठ, बहराइच, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजियाबाद और गोरखपुर में देखने को मिला। 

कानपुर शहर में दो दिन की हिंसा और खराब माहौल होने की आशंका के बीच बीते तीन दिनों के भीतर शहर के थोक और फुटकर बाजार को 1200 करोड़ रुपये की चपत लगी है। शहर में कपड़ा, किराना, सोना-चांदी, शक्कर, और खाद्य आइटमों का बड़ा थोक बाजार है। प्रतिदिन करीब इन ट्रेडों में 500-600 करोड़ से अधिक का कारोबार होता है। लेकिन हिंसा के चलते व्यापार ठप पड़ा है। शहर के अलावा बाहर के जिलों से आने वाला व्यापारी इन थोक व फुटकर बाजारों से नदारद है। गर्म कपड़ों और सहालग के बाजार को भी बड़ा झटका लगा है। जल्द अमन बहाल न होने से व्यापारियों को अब बड़े पैमाने पर माल डंप होने की चिंता है। क्रिसमस पर्व के बाजार को भी खासा नुकसान पहुंचा है।

बनारस में 200 करोड़ रुपये का व्यापार प्रभावित हुआ। डिजिटल इंडिया के दौर में हर कोई इंटरनेट बहाल होने की जानकारी शनिवार को देर रात तक लेता रहा। ऑनलाइन लेन-देन न होने से पूर्वांचल की सबसे बड़ी मंडी कही जाने वाली दालमंडी, गोला दीनानाथ, विशेश्वरगंज से लेकर इलेक्ट्रानिक मंडी कोदई चौकी, आटोमोबाइल सेक्टर, चौक स्थित साड़ी गद्दी से लेकर सराफा कारोबार और रियल इस्टेट, पर्यटन, होटल, मोबाइल व डीटीएच रिचार्ज, आनलाइन फूड कंपनी, टैक्सी कैब सहित निजी अस्पतालों आदि का कारोबार प्रभावित हुआ। शहर के जेएचवी, आईपी सिगरा, आईपी विजया और पीडीआर माल में आनलाइन टिकट बुक न होने के चलते लोगों को काउंटर पर लाइन लगकर टिकट लेना पड़ा। वहीं शहर के 400 से अधिक आईआरसीटीसी के सेंटर भी खामोश रहे। शहर के प्रमुख व्यापारियों के अनुसार पूर्वांचल में करोड़ों का व्यापार प्रभावित हुआ है।